सोमवार, 13 दिसंबर 2010

सुस्वागतम

मित्रो,
ब्लॉग स्कूल का नया विद्यार्थी हूं, भला हो सुप्रीम कोर्ट का  जिसने रैगिंग का डर मन से निकाल दिया और मैं इस तरफ आने की सोच सका. उम्मीद है कि यहां सीनियर्स की रैगिंग का सामना नहीं करना पडेगा. तो शुरू करुंगा इसका ककहरा और गाहे बेगाहे पाठ सुनाता भी रहूंगा, अब आप पर है कि आप इसे चुप चाप सुन लेते हैं या शोर मचा कर हूट करते हैं.

1 टिप्पणी:

  1. ब्लॉगिंग के स्कूल में सीनियर छात्रों की रैगिंग भला कोई क्या करेगा... रैगिंग तो ग्रेजुएशन के छात्रों की चिंता है... पीएचडी करने वालों को रैगिंग से डरने की क्या जरूरत भला?

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